Saturday, 12 February 2022

Urdu vocabulary

मेरे अजीज दोस्तो और बुजर्गो, मेरी इज्जतदार मां, बहनों, और बेटियों, 
मुझे हिम्मत दिलाओ, आपके मसायल को उठाने का, अपका ये दीवाना, पूरे मुल्क फिरेगा और आपकी बात करेगा, मुझे किसी चीज की ज़रूरत नही है अल्लाह की फजल से, खादिम बन कर बीच मे रहूँगा।
किस्मत आजमाइस है, किस्मत आजमाने आया हूँ। अपना मकसद बयान करो, मेरी आवाज में इतनी तासीर दे, की मैं लोगो के दिल को मोड़ सकूँ,    भड़का नही रहा हूँ सच्चाई बयान कर रहा हूँ, इब्लीस की औलाद आपको भड़कायेगा , सुनो बुजदिलों , बुजर्गो की दुवाओ से, जर्रा जर्रा गूंज रहा है इन्क़िलाब के नारों से, गयूर अवाम, क्या आप देश का नमक खाये हो या मोदी का नमक खाये हो, मोहब्बत जिंदाबाद, नफरत मुर्दाबाद, इल्म की सरजमीं है, उलेमाओं की सरजमीं है, हमारे कायद, हमारे मेहबूब, हम सब के मेहबूब, थोड़ी ही देर में जलअफरोज हो जायेंगे, कौम की तरजुबानी की , की तुम अभी जिंदा हो, बातिल ताकते खुटने रेज़ नही हो सकते, जुल्म की तरजुबानी करते है, तुम्हारी जुबान बनते है, इतने वोटों से जीताना है कि वो तारीख बन जाएं, इल्म से और फ़ैज़ ,
कोई भी अपना सरमाया कब्र में ले कर नही जाता है, अपने लिए और अपने बच्चो के लिए तो जानवर भी करता है, पर समाज के लिए इंसान ही कुछ कर सकता है। राजनीति मेरे शौक है और कार्यखैर भी, 

इन्कासार, fitna, इन्फ्रादी , istakhara, tahajjud, istamayi,  हक्क बात बोल कर के, आपस me naitefaqui ko बढावा de rhe hai, itehad को fasad me बदल रहे हैँ, इससे accha हैँ की, झूठ  बोल कर हम itehad me बने रहे हैँ ।

Jangal me Bakri , ojhadhi ki ladai .

Kal maine  dekha था, khud ko ma ki ankho me, ye Aina मुझे budha nhi bta ta .

Roko zulm ki andhi ko, nafrat ka lahu mat bhno do, kam se kam is pyar ki dharti pr ,pyara ko zinda Rahne do.



No comments:

Post a Comment