दो प्रकार के लोग बिज़नेस में होते है,
पहला लीडर और दूसरा अनुयायी ...
आप स्वयं पहले फैसला कर ले कि आप इस बिज़नेस में एक लीडर के रूप में अपनी पहचान बनाएंगे या एक अनुयायी के रूप में काम करेंगे।
बदले में जो मिलता है, उसमे बहुत बड़ा अंतर होता है, तार्किक दृष्टि से कोई अनुयायी उस मुआवजे की उम्मीद नही कर सकता जो लीडर को मिल सकता है,
कई अनुयायी उतने ही धन की पाने की आशा करते है, पर उस स्तर का त्याग या बदलाव के लिए तैयार नहीं होते.
अनुयायी होने में कोई अपमानजनक बात नही है, दूसरी ओर अनुयायी बने रहना कोई तारीफ की बात भी नही है,
अधिकांश महान लीडर एक अनुयायी के रूप में शुरुआत की थी। वे महान लीडर इसलिए बने क्योंकि वो समझदार अनुयायी थे, एक अनुयायी समझदारी से अनुशरण नही करता तो वो एक सफल लीडर नही बनता। समझदार अनुयायी अपने लीडर से सीखने को एक अवसर समझता है,
लीडर के आवश्यक गुण :
साहस, कोई भी व्यक्ति नही चाहता है कि उसके लीडर में साहस का अभाव हो,
आत्म नियंत्रण :
न्यायपूर्ण आचरण सम्मान हासिल नही कर सकता न ही उसे लम्बे समय तक बनाये ...रख सकता हैं।
निर्णय की निश्चितता :
योजनाओं की निश्चितता : बिना निश्चित योजना के उसी तर
वोह जहाज जिसमे राडार न हो, देर सबेर वो जहाज चट्टानों से टकरा कर नष्ट हो जाएगा, People perish without dreams,
पूर्ण जिम्मेवारी लेना : अपने और अपने team ke kriyaklap ki purn zimmewari lena, agr leader zimmewari dusre pr sop deta hai to vo lmbe smy tk lidr nhi bna rh skta,
5 April chapter 10
टालमटोल सबसे बड़ी एक आदत है, जो आपको अमीरी के रास्ते मे रुकावट होती है,
जिनका ज्ञान अधजल गगरी जैसा होता है, वो बहुत बोलते है, वो उपयोगी ज्ञान को प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं।
आलोचना का डर , जीतने की इच्छा से ज्यादा प्रबल होता है,
ऊंचे लक्ष्य बनाने से इनकार कर देते है, क्योंकि उन्हें अपने दोस्तों और रिश्तेदारों की आलोचना का डर सताता है.
तुम अपनी आजीविका कैसे चलाओगे, तुम्हे किंसी ने बहका दिया हैं,
तुम गरीब परिवार मेंं जन्मे हो पैसे की फिलॉसफी के बारे में क्या जानोगे,
ऐसा लग रहा था की अचानक सारी दुनिया मेरा मजाक उड़ा रहीं है, लोग मेरे उपर हावी हो जाए, उससे पहले मैं अपने महत्वकांक्षा का गला घोठं दू .
विचार को पालने का सही समय, उसके जन्म के बाद ही होता है।
अधिकांश विचारों का मौत , आलोचना का डर होता है। योजना और कर्म की अवस्थाओं तक नही पहुच पाते, जो किस्मत के भरोसे बैठे होते है, वो अक्सर निराश ही होते है।
Master the art of self belief, संगठित प्रयास से हम अपने लक्ष्य को रूपांतरित करने में सहयोग मिलता है, संयोजित प्रयास का फल होता है, सफलता शक्ति और सदभावना के संयुक्त प्रयास से प्राप्त होता है। अनन्त प्रज्ञा, धन को बनाये रखने के लिए भी शक्ति चाहिए, रचनात्मक कल्पना को शक्ति में बदला जा सकता है, master mind के द्वारा शक्ति प्राप्त करना, आर्थिक और आध्यात्मिक पहलू, धन शर्मीला और संकोची है, इसका दिल जीतना होता है, धन की प्रवाह को दौलत कहते है, जिस तरह पहाड़ के ऊपर से जल की प्रवाह नीचे की और सरलता से आती है, उसी तरह धनवान व्यक्ति के पास से धन की प्रवाह आती है। गरीबी को किसी योजना की ज़रूरत नही होती है, किसी की सहायता की ज़रूरत नही होती, दुर्बल होता है।
(13) शितिज के उस पार देखना, उपयोग से ही विकसित होता है, महिलाएं, पुरूष की रचनात्मक शक्ति पैदा कर देती है, कमेक्षा को रूपान्तरित किया जाए, और अदभुत सफलता पाई जा सकती है, ऊर्जा को अपव्यय करते रहते है, अपने पावर हाउस का दोहन कीजिये, महान उपलब्धि के लिए समर्थ हो जाता है, प्रेम सेफ्टी वाल्व का काम करता है, मस्तिष्क आदत का गुलाम होता है, नियंत्रण का भाव रूपान्तरित करने में सहयोग करता है, सच्चा प्रेम कभी हारता नही है, अपने से आता है, बिना चेतावनी के चला जाता है, प्रेम जीवन का महानतम अनुभव है,
(14) अवचेतन मस्तिष्क दिन रात काम करता है, भौतिक समतुल्य में परिवर्तित कर देता है, अवचेतन मस्तिष्क को किस तरह ऊर्जा प्रदान किया जाए, अवचेतन मस्तिष्क अपने आप काम करता है, इक्छाये को अवचेतन मस्तिष्क में बो रहे है, कौन सा विचार आपके अवचेतन मन मे पहुच रहा है, योजना और लक्ष्य में आस्था होना चाहिए, शब्द के साथ भाव रहने से अवचेतन मस्तिष्क जल्दी ग्रहण कर लेता है, निष्क्रियता से
सक्रियता में रूपांतरित कर देता है, सकारात्मक भाव आपके अंदर धन की चेतना पैदा करता है,
(15) मस्तिष्क ब्रॉडकास्टिंग और रिसीवर स्टेशन एक साथ होता है,
6 April (17)
मस्तिष्क को नियंत्रण करने की योग्यता सभी के पास होती है। विचारो में भौतिक समतुल्य में रूपांतरित होने की योग्यता होती है, भविष्य वक्ता बन सकते है, अमीरी मांगते है तो उसका स्वरूप तैयार कीजिये, मानसिक अवस्था को बनाना होता है, डर कल्पना की शक्ति को मार देता है, आम नियंत्रण की शक्ति को नष्ट कर देता है, मित्रता को हतोहत्सहित कर देता है, गरीबी का डर, आपका साथी आपका शोषण करना चाहता है, भौतिक सम्पदा , आत्म विश्लेषण , बिंदुवार जांच करें, ....
आत्म परीक्षण करें, सत्य की खोज करें, डर हमारे चारों तरफ विद्यमान होता है, उदासीनता, अनिर्णय, हर पहलू में नकारात्मक चीज तलाश करना, आत्म विश्वास, अमीरी की आशा करने के बजाय , गरीबी की आलोचना करना, गरीबी की डर का लकवा मार दिया है, आलोचना का डर इंसान की प्रकृति मेंं होता है। आलोचना के डर से prabhavit hota hai. माता .....पिता aksr apne bacho ki alochna kr ke sthayi nuksan pahuchate hai, आलोचना bhutayt me paya jata hai, sbhi ke pas kiska kafi stock hota hai, log iska Supply krte rhte hai, iski zarurt ho ya na ho. Alochna ki vjh se mata pita apne baccho me heen bhavna paida kr dete hai, sarshresth pradrshn ke liye alochna ka nhi rachnatmak sujhao ka sahara lete hai, mata pita bhi isi तकनीक का उपयोग कर के अपने बच्चों मेंं से srvshresth pradrshn prapt kr skte hai. रचनात्मक सुझाव, आलोचना इंसान के अंदर dr ya nafrat ka paudha lga dete hai.
Kalpnasheelta ke bhav ko khtm kr deta hai, pahl krne ki shakti me kmi,
shabdo aur karyo me dhoka,
Mansik aur saririk alsy ki adat,
Khud ko piche rkhne ki adat,
Nirnya me pahuchne me deri,
Dusro ki peeth piche alochna krna, aur unke samne unki chaplusi krna,
Bina virodh ke prajay ko sweekar krne ki adat,
Bina karan dusro pe sanka,
Bhasa me kutniti ka abhav,
Bure swasth ka dr,
Hypochondria के शिकार होते है, यानी डर काल्पनिक होता है। रोगभरम आपका शरीर उस बीमारी को उभार देता है, जिसके बारे में आप ज्यादा सोचते रहते है। लोगो को सुझाव के द्वारा बीमार किया जा सकता है ।
शरीर की प्रतिरोधक शक्ति को तोड़ देता है,
मनुष्य का स्वभाव वैसा ही है जैसा सभ्यता के उषा काल मे थी ।
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